Motivational Quotes by Gautam Buddha in Hindi

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मनुष्य जन्म से नहीं बल्कि, अपने कर्म से सुद्ध या पंडित होता है|

मनुष्य का दिमाग ही सव कुछ है|
जो सोचता है बो बन जाता है|

त्तुम्हे अपने क्रोध के लिए सजा नहीं मिलती बल्कि तुम्हे अपने क्रोध से ही सजा मिलती है|

हजारों लड़ाइयाँ जीतने से अच्छा यह है कि तुम स्वयं पर विजय प्राप्त कर लो|
फिर जीत हमेशा तुम्हारी है|
इसे तुमसे कोई नहीं छीन सकता, न स्वर्गदूत और न राक्षस|

घृणा से घृणा कभी खत्म नहीं हो सकती|
घृणा को केवल प्रेम द्वारा ही समाप्त किया जा सकता है|
यह एक परम सत्य है|

भूतकाल में मत उलझो, भविष्य के सपनों में मत खो जाओ|
वर्तमान पर ध्यान दो , यही खुश रहने का रास्ता है|

क्रोधित रहना, जलते हुए कोयले को किसी दूसरे व्यक्ति पर फेंकने की इच्छा से पकड़े रहने के समान है|
यह सबसे पहले आप को ही जलाता है|

आप चाहें जितनी भी किताबें पढ़ लें, कितने भी अच्छे शब्द सुन लें उनका कोई फायदा नहीं
जब तक कि आप उनको अपने जीवन में नहीं अपनाते|

संदेह या शक की आदत से भयानक कुछ भी नहीं|
संदेह लोगों को अलग करता है और मित्रता तोड़ता है|

जिसने अपने आपको बश में कर लिया|
उसकी जीत तो देवता भी हार में नहीं बदल सकते|