karoly Takacs Inspirational Story In Hindi

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यदि इंसान के अंदर लक्ष्य को हासिल करने का जज़्बा हो तो वह तमाम मुश्किलों के बावजूद भी अपने लक्ष्य को हासिल कर ही लेता है |

ऐसे ही एक शख्स थे “karoly Takacs”, Karoly hungarian army में काम करते थे. वह एक बेहतरीन shooting player थे | जितनी भी national championship हुई थी उस country में सबको वह जीत चुके थे | और उनका एक ही सपना था कि मुझे अपने इस हाथ को दुनिया का best shooting hand बनाना है | और वो ऐसा करने में सफल भी रहे | बस 2 साल का फर्क था, karoly Takacs army में थे एक बार practice करते समय उनके साथ एक accident हो गया| और accident में उनका right hand खराब हो गया | वही हाथ जिससे उन्होने gold medal जीतने के सपने देखे थे | और उसके बाद उनका सपना टूट गया|  उस समय उनके पास 2 रास्ते थे या तो वह पूरी ज़िंदगी एक जगह बैठ कर रोते रहे या अपने target को हासिल करने के लिये अपनी कमज़ोरी को ही अपनी ताकत बना ले |

और उन्होने ऐसा ही किया karoly ने अपनी कमज़ोरी को ही अपनी ताकत बना लिया | उन्होने focus किया उस पर जो उनके पास था, ना कि उस पर जो उनके पास से चला गया था | karoly बिल्कुल निराश नहीं हुए और उन्होने अपने left hand से ही पिस्तौल चलाने की practice शुरू की | जिस left hand से वो लिख भी नहीं सकते थे उससे ही उन्होने पिस्तौल चलाना सीखा | सन 1939 मे जब वह प्रतियोगिता में हिस्सा लेने गये, तो वहा मौजूद प्रतियोगी उन्हे देखकर कहने लगे कि ‘ आपमे कमाल का साहस है, इतना कुछ होने के बाद भी आप हमें incourage करने आए है तो karoly ने कहा- ” मैं यहा आप लोगों को incourage करने नहीं बल्कि प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आया हूं.” और अपने मजबूत हौसलो के दम पर उन्होने वह प्रतियोगिता जीती वो भी अपने only hand से |

इसके बाद उन्होने 1940 के ओलम्पिक गेम में हिस्सा लेने का decision लिया  और दिन-रात मेहनत की | पर 1940   का ओलम्पिक world war के कारण cancil हो गया | यह जानकर karoly को दुख हुआ पर उन्होने हार नहीं मानी और एक बार फिर 1944 के ओलम्पिक में हिस्सा लेने के लिये तैयारी शुरू की पर 1944 का ओलम्पिक भी cancil हो गया| यह जानकर karoly को बहुत दुख हुआ, क्योंकि हर चीज़ की एक उम्र होती है | और करौली की उम्र 38 साल  हो गयी थी. लेकिन उन्होने हार नहीं मानी और वह लगातार मेहनत करते रहे | उन्होने 1948 के अलम्पिक में हिस्सा लिया | और karoly ने अपने only hand से मतलब left hand से olympic में जीत हासिल की | पर karoly यहीं नहीं रुके, उन्होने 1952 में होने वाले ओलम्पिक में भी हिस्सा लिया और अपने only hand से gold medal जीता और इतिहास रच दिया |      और इस तरह वह दुनिया के best Shooting player बन गये |

दोस्तों karoly Takacs की ये कहानी हमें बहुत कुछ सिखाती है | हर इंसान की ज़िंदगी में मुश्किले आती हैं और कई बार किस्मत भी साथ नहीं देती है | पर यदि हमारे अंदर अपने लक्ष्य को हासिल करने का जुनून हो तो हम हर मुश्किल पर जीत हासिल कर सकते हैं | और अपने बुलन्द हौसलों के दम पर अपनी किस्मत को भी बदल सकते हैं |

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