Hindi Poem For Kids – Aao Bachchon Tumhe Dikhayen Jhanki Hindustan Ki

0
1863

आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झाँकी हिंदुस्तान की ,
इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की वंदे मातरम !!

वंदे मातरम उत्तर में रखवाली करता पर्वतराज विराट है ,
दक्षिण में चरणों को धोता सागर का सम्राट है !!

जमुना जी के तट को देखो गंगा का ये घाट है ,
बाट-बाट में हाट-हाट में यहाँ निराला ठाठ है !!

देखो ये तस्वीरें अपने गौरव की अभिमान की ,
इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती हैं बलिदान की वंदे मातरम, वंदे मातरम

ये हैं अपना राजपूताना नाज़ इसे तलवारों पे ,
इसने सारा जीवन काटा बरछी तीर कटारों पे !!

ये प्रताप का वतन पला हैं आज़ादी के नारों पे ,
कूद पड़ी थी यहाँ हज़ारों पद्मिनियाँ अंगारों पे बोल रही है कण कण से कुरबानी राजस्थान की !!

इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की वंदे मातरम, वंदे मातरम !!