Poem – मोटूराम चले सैर को ….

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मोटूराम चले सैर को मोटूराम ,

देखा एक लटकता आम |

झटपट चढ़ने लगे पेड़ पर ,

लगा ततैया , गिरे धड़ाम |

मोटूराम मोटूराम ||