Naani ki kahani-घोड़े की चतुराई

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एक दिन शेर ने एक घोड़े को घास चरते हुए देखा ,उसने उस घोड़े को अपना शिकार बनाना चाहा| घोड़े ने शेर को अपनी और आते हुए देख लिया तो बह अपने पाओ में चोट लगने का नाटक करने लगा|

फिर शेर ने छलपूर्वक घोड़े से पूंछ- “तुम्हे क्या लक्लीफ है”

घोड़े ने बड़ी चतुराई के बोला की मेरे पाओ में चोट लग गई है शायद कांटों पे चलने के कारण ऐसा हुआ है|

धूर्त शेर बोला- “ओह बहुत दर्द हो रहा होगा ना लाओ मैं देख लू तुम्हारी चोट को”

‘‘हाँ-हां क्यों नहीं जरूर देखो।’’ घोड़ा बोला।

और जैसे ही शेर ने उसके पाओ को नजदीक से देखने के लिए नीचे झुका तो घोड़े ने अपने पिछले दोनों पैर उठाकर ऐसी दुलत्ती झाड़ी कि शेर हवा में जा उछला। और जब जमीन पर गिरा तो उसके पैरों की हड्डियां टूट गईं।
कुछ दिन तक वह चलने के काबिल भी न हो पाया। जब वह लंगड़ाकर चलने लायक हुआ तो धीरे-धीरे लंगड़ाता हुआ जंगल की ओर लौट चला।
फिर शेर ने सोचा की बो भी कितना मुर्ख है , जो घोड़े को आसान शिकार समझ रहा था कि यूं मारा और चट कर गया।
लेकिन उसे तो लेने के देने पड़ गए थे।

“इसीलिए कहते है किसी को कम नहीं आंकना चाहिए”|