Raja Rani ki kahani – श्रापित राजा

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एक समय की बात है एक गॉव में एक गरीव किसान रहता था उसकी एक बेटी और एक बेटा था|
बो किसान अत्यंत गरीव था| दो समय की रोटी का भी इंतेजाम उससे अत्यंत संघर्ष से मिलती थी|
एक दिन उसने बैठकर सोंचा की ऐसे तो जीवन दूभर हो जाएगा ।

इतने सारे लोगो की जिम्मेदारी उसके ऊपर है वह क्या करेंगा,
एक बेटी की भी शादी करनी पड़ेगी वो मैं कैसे करूंगा|
तो उसने फैशला किया की बो अपनी बेटी को छोड़ देंगा जिससे उसके ऊपर से एक बजन कम हो जाएगा|

वह अपनी बेटी को लकड़ी लाने के बहाने से जंगल में ले जाता है|
जंगल में पहुचने के बाद वह प्यास का बहाना बनाता है| और पानी लाने की बात बोलकर वहां से निकल जाता है|
और अपनी बेटी को इंतज़ार करने को बोलता है|

बेटी उसका इंतज़ार करती रहती है बहुत समय बीत गया पर उसके पापा उसे लेने बहा नहीं आये|
वह सोचती है सायद उसके पापा जंगल में भटक गए होंगे तो वह उन्हें ढूंढने के लिए आगे बढ़ती है उसे बहुत प्याश लगती है और भूख भी|

चलते चलते उसे एक किला दिखाई देता है, लड़की सोचती है की शायद यहाँ से कोई मदद मिल जाये तो कम से कम उसे खाने को और रुकने को मिल जाएगा और फिर वो अपने पापा को भी ढूंढ सकती है|

बो आवाज लगाती है पर अंदर से कोई जवाब नहीं आया|
उसने फिर अबाज दी फिर भी कोई नहीं बोला|

बो हताश हो गए तभी किले के दरवाजे एक दम से खुल गई बो लड़की हैरान होकर किले के अंदर गई, बहा उसे कोई नहीं मिला बो आगे बढ़ती गई उसके सामने तीन कमरे आये उसने पहला खोला उसमे “फल और पानी रखा था”|

बो बहुत खुश हुई उसने उनसे अपनी भूख सांत की फिर वह दूसरे कमरे की तरफ बड़ी दूसरे कमरे में बहुत सारा सोना, जेवर था उसके मन में कोई पाप नहीं था|
इसलिए उसने उन जेवर को हाथ नही लगाया और बहा से निकली और तीसरे कमरे में गई बहा उसने देखा की एक लड़का एक पलंग पे लेटा था तथा उसके पुरे शरीर में सुई लगी हुई थी बो बहुत डर गई पर उसने सोचा की सुई की चुभन से उसे दर्द हो रहा होंगा बो डरते हुए आगे बढ़ती है|

और धीरे धीरे उसकी सारी सुइयां निकालती है ,जैसे ही वह आखरी सुई निकालती है वह लड़का होश में आजाता है और लड़की को शुखरियां करता है

लड़की पूछती है “तुम्हे ये सुइयां कैसे लगी और तुम कोन हो”|
लड़का बोलता है में यहां का राजा हूँ यह किला मेरा है,एक दिन मैंने एक संत का अपमान कर दिया था और उन्होंने “मुझे श्राप दे दिया था”जिसके कारण में इतने सालो से अपने ही महल में कैद हो गया था|

पर तुमने मेरी मदद की उसके लिए धन्यवाद, बताओं में तुम्हारी क्या मदद कर सकता हूँ |लड़की बताती है की वह अपने पिता से बिछड़ गई है राजा बोलता है ठीक है में तुम्हारे पिता को ढूंढूंगा और फिर राजा और बो लड़की एक दूसरे से शादी कर लेते है|
फिर दोनों राजा रानी एक दूसरे के साथ ख़ुशी ख़ुशी जीवन ब्यतीत करते है|

इसलिए बोलते है जिसके भाग्य में जो है उसे मिलता है|

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